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इष्ट देवता कैलकुलेटर

जैमिनी कारकांश पद्धति से अपने इष्ट देवता जानें, यानी वह देव रूप जिससे आपकी आत्मा सबसे ज़्यादा जुड़ती है। हम हर कदम दिखाते हैं ताकि आप देख सकें जवाब कैसे निकला।

हम आपके इष्ट देवता कैसे निकालते हैं

  1. आत्मकारक निकालें: अपनी राशि में सबसे ज़्यादा अंश वाला ग्रह (7 कारक पद्धति)।
  2. नवांश (D9) में उसकी राशि देखें। वही कारकांश है।
  3. D9 में कारकांश से 12वीं राशि गिनें। 12वां मोक्ष का भाव है।
  4. वहां बैठा ग्रह देवता की ओर इशारा करता है। कोई ग्रह न हो तो उस राशि का स्वामी तय करता है।

यह जैमिनी उपदेश सूत्र के अनुसार है। ग्रह से देवता की सूची वह है जो चलन में सबसे ज़्यादा मानी जाती है: सूर्य शिव या सूर्य, चंद्र पार्वती, मंगल कार्तिकेय या हनुमान, बुध विष्णु, गुरु विष्णु या दत्तात्रेय, शुक्र लक्ष्मी, शनि शिव या हनुमान, राहु दुर्गा, केतु गणेश। हम वह विष्णु अवतार भी दिखाते हैं जो BPHS हर ग्रह से जोड़ता है। नवांश तेज़ बदलता है, इसलिए सही जन्म समय चाहिए।

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लोग ये पूछते हैं

इष्ट देवता क्या हैं?+

आपके निजी देवता, ईश्वर का वह रूप जिससे आपकी आत्मा सबसे ज़्यादा जुड़ती है। कहा जाता है कि इष्ट देव की उपासना मोक्ष की ओर ले जाती है।

क्या इष्ट देवता और कुल देवता एक हैं?+

नहीं। कुल देवता परिवार के देवता हैं जो पीढ़ियों से चलते हैं। इष्ट देवता निजी हैं और आपकी अपनी कुंडली से आते हैं।

अलग वेबसाइट अलग देवता क्यों बताती हैं?+

वे अलग कारक पद्धति (7 या 8), अलग देवता सूची या D9 की बजाय D1 में आत्मकारक से 12वां लेती हैं। हम अपना तरीका कदम-दर-कदम दिखाते हैं।

क्या सटीक जन्म समय चाहिए?+

हां। नवांश राशि हर 3°20' पर बदलती है, और अंश पास हों तो आत्मकारक भी बदल सकता है।

रीडिंग केवल मार्गदर्शन और मनोरंजन के लिए हैं। ये चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं हैं।